सभी दोस्तों को मेरा नमस्कार । पिछले पांच सालों से मैंने एआईपीएमटी और आईआईटी सहित अन्य शिक्षण संस्थानों MSUG ग्रुप का गठनमें कार्य किया और इस पांच साल के दौरान में इतना समझ चुका था कि ये सभी शिक्षण संस्थान शिक्षा के नाम पर सिर्फ लूट कर रहे हैं, और मेरा गुस्सा उस दिन फूटा जब मैंने देखा की सीबीएसई के किसी फैसले की वजह से लाखों बच्चों का भविष्य खतरे में आ गया तब इन शिक्षा के सौदागरों ने उन बच्चों के हक की आवाज उठाने की जगह उन शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी छात्रों को क्लासों से निकाल दिया तब मुझे लगा कि ये लोग इन बच्चों के भविष्य से ज्यादा अपने फायदे को महत्व देते हैं उसी दिन से मैंने शिक्षा के क्षेत्र में हो रही लूट को रोकने और छात्र हितों की लड़ाई लड़ने के लिए MSUG की स्थापना की।
जनवरी 2017 में सीबीएसई ने एआईपीएमटी परीक्षा को लेकर एक आदेश जारी किया कि जो बच्चे तीन बार एआईपीएमटी की परीक्षा में बैठ चुके है उन छात्रों को साल 2016-17 में आयोजित परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा एवं भविष्य में एआईपीएमटी की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए तीन ही मौके दिए जायेंगे, जो कि वर्ष 2016-17 में एआईपीएमटी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के भविष्य पर कुठाराघात जैसा था और इस फैसले के चलते प्रदेश में कई छात्रों ने हैताश होकर आत्महत्या कर ली। तब इन छात्रों की मदद के लिए कोई संगठन या कोई भी छात्र नेता आगे नहीं आने पर विद्यार्थियों के हक की आवाज उठाने के लिए मेडिकल स्टूडेंट्स एकता संघ का गठन किया गया।
1. विद्यार्थियों की नि:शुल्क कैरियर काउंसलिंग MSUG द्वारा की जाती है।
2. भारत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कॉलेज, कोचिंग, स्कूल एवं यूनिवर्सिटी सहित होस्टल आदि में एडमिशन एवं वहां की पढ़ाई सम्बन्धित समस्त जानकारी MSUG द्वारा दी जाती है।
3. विद्यार्थियों से अधिक शुल्क वसूलने, किसी विशेष कारणवश निरंतर किसी संस्था में नहीं पढ़ने पर उसे उसकी शिक्षा शुल्क वापस दिलवाने में MSUG भूमिका निभाती है। 4. MSUG गांव व शहरों में समय समय पर मीटिंग एवं सेमिनारों के माध्यम से भविष्य में रोजगार का अवसर प्रदान करने वाली शिक्षा विषय का चयन करने के लिए युवाओं को जागरूक करती है 5. MSUG रक्तदान शिविर आयोजित करती है जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर मदद मिल सके एवं दूर दराज गांवों के लोग जो किसी मेडिकल इमरजेंसी में हो या किसी बीमारी में उन्हें हमारे मेडिकल एक्सपर्ट्स की मदद से उन्हें संबंधित डॉक्टर/हॉस्पिटल का चयन करने में मदद करती है ।
MSUG ग्रुप के नियम
1. ग्रुप में जुड़ने वाले सभी सदस्य एक दूसरे का सम्मान करेंगे ।
2. ग्रुप की 17 सितम्बर को हर साल मीटिंग होगी जिसमें सभी पदाधिारियों को आना आवश्यक है ।
3. हर पदाधिकारी को 11सदस्य बनाने अनिवार्य है।
4. ग्रुप में जुड़ने वाले सदस्यों को जातिवादी, धर्मवादी या किसी समुदाय के खिलाफ कोई अपमानजनक या आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर ग्रुप कमेटी द्वारा कार्यवाही की जाएगी ।
5. ग्रुप में जुड़ने वाले सभी सदस्यों एवं पदाधिकारियों का एक ही लक्ष्य होना चाहिए जरूरतमंद मरीजों, विद्यार्थियों एवं समाज के सभी लोगों की मदद करना ।
MSUG कैसे एवं कौन जुड़ सकते है
1. ग्रुप में किसी भी विषय में अध्ययनरत विद्यार्थी, कर्मचारी या अन्य कोई भी लोग जो समाज सेवा छात्र सेवा में जुड़कर देश के भविष्य (युवाओं) के लिए काम करना चाहते है ।
2. स्टडेंट्स के अलावा कोई भी ग्रुप ज्वॉइन करना चाहता है तो उसकी उम्र 18साल होना अनिवार्य है।
3. जो वर्तमान स्टूडेंट्स है उनकी उम्र सीमा 14साल है ।
4. MSUG ज्वॉइन करने के लिए फॉर्म भरना आवश्यक है ।
5. फार्म भरने के लिए एक आईडी प्रूफ और दो फोटो आवश्यक है।






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